आपरेशन श्री प्रकाश शुक्ला पर बनी फिल्म रंगदारी टैक्स में श्री प्रकाश शुक्ला बने यश कुमार

यूपी के सबसे खतरनाक माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला के शूटआउट का सच बताने जा रही है एक भोजपुरी फिल्म जिसका नाम है रंगदारी टैक्स । जी हां श्रीप्रकाश शुक्ला यूपी में 90 के दशक का डॉन था. अखबारों के पन्ने हर रोज उसी की सुर्खियों से रंगे होते. यूपी पुलिस हैरान-परेशान थी. नाम पता था लेकिन उसकी कोई तश्वीर पुलिस के पास नहीं थी. बिजनेसमैन से उगाही, किडनैपिंग, कत्ल, डकैती, पूरब से लेकर पश्चिम तक रेलवे के ठेके पर एकछत्र राज. बस यही उसका पता था। इस फिल्म में माफिया डॉन श्री प्रकाश शुक्ला का किरदार निभा रहे हैं भोजपुरी सिनेमा के दबंग स्टार यश कुमार।। इस भूमिका के लिये यश ने काफी मेहनत की है और अपने लुक में भी काफी बदलाव किया है। इस फिल्म का निर्माण निर्माता मनोज कुमार और संजीत सिंह कर रहे हैं जबकि निर्देशक हैं पराग पाटिल। जबरदस्त मारधाड़ से भरी इस फिल्म में मारधाड़ निर्देशक हैं बाजी। फिल्म को कैमरे में खुबसुरती से कैद किया है जसविन्दर सिंह ने। फिल्म के निर्माता हालांकि साफ कहते हैं कि यह फिल्म श्री शुक्ला से प्रेरित होसकती है जो मात्र संयोग है। इस फिल्म में गीत संगीत भी रखा गया है जिसे संगीत से सजाया है छोटे बाबा और दामोदर राव ने।

श्रीप्रकाश के साथ पुलिस का पहला एनकाउंटर 9 सितंबर 1997 को हुआ. पुलिस को खबर मिली कि श्रीप्रकाश अपने तीन साथियों के साथ सैलून में बाल कटवाने लखनऊ के जनपथ मार्केट में आने वाला था. पुलिस ने चारों तरफ घेराबंदी कर दी. लेकिन यह आॅपरेशन ना सिर्फ फेल हो गया बल्कि पुलिस का एक जवान भी शहीद हो गया. इस एनकाउंटर के बाद श्रीप्रकाश शुक्ला की दहशत पूरे यूपी में और ज्यादा बढ़ गई.

लखनऊ स्थित सचिवालय में यूपी के मुख्‍यमंत्री, गृहमंत्री और डीजीपी की एक बैठक हुई. इसमें अपराधियों से निपटने के लिए स्‍पेशल फोर्स बनाने की योजना तैयार हुई. 4 मई 1998 को यूपी पुलिस के तत्‍कालीन एडीजी अजयराज शर्मा ने राज्य पुलिस के बेहतरीन 50 जवानों को छांट कर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) बनाई. इस फोर्स का पहला टास्क था- श्रीप्रकाश शुक्ला, जिंदा या मुर्दा। इस फिल्म में यश कुमार जहां नायक हैं वहीं उनकी नायिका हैं पूनम दुबे साथ में हैं खलनायक अवधेश मिश्रा, सुजान सिंह, राजीव सिंह, जेपी सिंह, सोनिया मिश्रा और सोनी सिंह। इस फिल्म को लेकर यश कुमार काफी उत्साह में हैं और कहते हैं वाकई यह फिल्म वाकई मेरे दिल के करीब है। मैं आभारी हूं निर्माता और निर्देशक का कि मुझे इतनी दमदार भूमिका उन्होने मुझे सौंपी।