भोजपुरी फिल्मों का नया बॉक्सिंग स्टार – विशाल सिंह

भोजपुरी फिल्में भी समय के साथ आगे चल निकली हैं, रोने-गाने और नाचने से आगे बढ़ चुकी हैं। जहाँ लाठी-डंडा तक ये सीमित थीं, अभी एक-से-एक आधुनिक आग्नेयास्त्रों का प्रयोग सामान्य बात हो गयी है। जहाँ हीरो साईकिल पर ही अपनी हीरोइन को बैठा कर इतराता था, अभी महंगी बाईक खूब दिखायी पड़ती हैं। अभी तो वह अपनी मोटरसाइकिल जमीन पर तो सरपर भगाता ही है, जरूरत पड़ने पर वह हवाई धोड़े की तरह खुले आसमान में भी उछाल मार देता है। जहाँ खेलकूद कुश्ती-कबड्डी तक ही सीमित था, आज की भोजपुरी फिल्में बॉक्सिंग तक पहुँच गयी हैं। पहले हमारा नायक बस गाँव-गोएंरा में ही पड़ोस की किसी लड़की को देखकर गाना गाने लगता था, अभी तो ये सीधे सदहद पार जा पहुँच रहे हैं। पाकिस्तान जाकर खेल-कूद चैम्पियन तो बन ही रहे हैं, वहाँ की लड़की जो उनको पसंद करे, जो उन्हे पसंद आए, उसे सीधे ब्याहकर ही ला रहे हैं अपने वतन।
भोजपुरी फिल्मों का नायक सिर्फ क्षेत्रीय सीमा तक नहीं आता जाता है, वह पूरी देश दुनिया घूम रहा है। वह कम्प्यूटर और टेलीविजन-नेट के युग में हर अद्यतन जानकारी रखता है। नयी फिल्म “ले आएब दुल्हनिया पाकिस्तान से” देखने पर इन सारी बातों का जवाब आपको स्वत: मिल जाएगा। इस फिल्म का हीरो विशाल सिंह भोजपुरी फिल्मों में एक्शन को एक नया रंग देगा, एक्शन की नयी परिभाषा गढेगा। कहते हैं, पूत के पांव पालने में ही दीख जाते हैं। फिल्म के ट्रेलर में ही विशाल के एक्शन का प्रभाव आपको अचंभित कर देता है; निश्चितरूपेण फिल्म देखने पर आप (विशाल के) फैन हो जायेंगे। रमाकांत प्रसाद द्वारा निर्देशित राधा रामधारी प्रोडक्शन कृत “ले आएब दुल्हनियां पाकिस्तान से” के नायक विशाल सिंह से विस्तृत बात का संपादित अंश यहां आपके लिए प्रस्तुत है: । आपको बतादें कि एक किक बॉक्सिंग स्टार विशाल सिंह की एक खाश संवाद है मजा नहीं आरहा है और जबतक वे संतुष्ट नहीं होते तब तक दिल से काम करते हैं। और परिणाम ऐसा निकलता है कि सभी लोग विशाल की तारीफ करते हैं।

★ “ले आएब दुल्हनिया पाकिस्तान से” में विशेष बात क्या है?
■ इसका एक्शन अद्भुत है। फिल्म तो आपने बहुत देखी होंगी, एक्शन भी बहुत देखा होगा, पर “ले आएब दुलहनिया पाकिस्तान से” में जो एक्शन है, मेरा दावा है, पहली बार देखेंगे। कमाल का एक्शन है।
★ इस अमेजिंग एक्शन का क्रेडिट किसे जायेगा?
■ बेशक, मुझे जायेगा (हँसते हैं!)। एक्शन के लिए मुझे “हथियार” में भी तारीफ मिली थी, जबकि पहले से स्थापित और एक्शन स्टार के रूप में जाने जानेवाले विराज भट्ट भी उस फिल्म में थे। वह मेरी पहली फिल्म थी, फिर भी एक्शन मेरा ही अधिक पसंद किया गया। एक्शन तो मैं बचपन से ही करता-सीखता रहा हूँ, इसलिए यह तो मेरे लिए एक खेल है।
★ किससे सीखा आपने यह हैरतअंगेज एक्शन?
■ एक नहीं, लगभग एक दर्जन लोगों से सीखा हूँ, सीखता रहता हूँ। इस लिए सिर्फ एक व्यक्ति का नाम लेना सही नहीं होगा।
★ फिल्म का शीर्षक है “ले आए दुल्हनिया पाकिस्तान से” – क्या भारत पाक के लड़का-लड़की के बीच पनपी प्रेम कहानी है?
■ प्रेम कहानी है पर मूल कहानी इस प्रेम के फ्रेम में नही आती। वह किक बाक्सिंग पर आधारित है। फिल्म का हीरो किक बाक्सिंग का स्टार है, चैम्पियन है। लाहौर में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में भाग लेने वह जाता है और वहाँ विजयी भी होता है। वहीं पर एक लड़की उनके करीब आ जाती है। यहां से प्रेम कहानी शुरू होती है।
★ किक बॉक्सिंग पर पहले कोई फिल्म बनी हैं?
■ शायद नही।
★ आपको दिल देने वाली पाकिस्तानी लड़की कौन होती है?
■ तनीषा चटर्जी। इसके अलावा सम्पदा भी हैं। अवधेश मिश्र, अयाज खान, सिद्धार्थ को भी आप इस फिल्म में देखेंगे।
★ शेष तकनीकी पक्ष के बारे में बताएं।
■ फिल्म के निमार्ता रामधारी सिंह हैं। रमाकांत प्रसाद (जी) इस फिल्म के निर्देशक हैं ही, संगीत निर्देशन भी उनका ही है। रमाकांत प्रसाद जी का मैं आभारी हूं कि उन्होने मुझ पर इतना भरोसा किया और आज यह फिल्म जल्द ही प्रदर्शित होने जारही है। प्यारेलाल यादव, पवन पांडेय के लिखे गीत हैं। संजय कोर्बे का नृत्य निर्देशन है और राम केसी कैमरामैन हैं।
★ भोजपुरी फिल्मों को ले कर मन में कैसी धारणा रखते हैं?
■ मैं गोरखपुर का हूँ, भोजपुरी भाषी हूँ, मुझे गर्व है कि मैं भोजपुरी फिल्मोद्योग का एक हिस्सा बन गया हूँ। मैं सकारात्मक सोच का व्यक्ति हूँ, आगे बढ़ते जाना मेरी फितरत है। कल हमारा है, इसका अभास है मुझे। मेरा आत्मबल मजबूत है।
आगे की योजना
अभी तो फिलहाल इसी फिल्म पर पूरा ध्यान है मगर हां जल्द ही फिर मिलेंगे नये तेवर के साथ।