मोहब्बत मोहब्बत मोहब्बत आखिर कब तक मोहब्बत !

वैसे तो यह प्रश्न सदियों से काफी रोचक रहा है और इस मोहब्बत की रिस्ता को सँभालने और निभाने के लिए इतिहास गवाह बनता रहा है तभी तो किसी शायर ने क्या खूब कहा है – ये इश्क़ नहीं आसान एक आग का दरिया है और डूब के जाना है बहुत आसान नही हैं मोहब्बत के रास्ते पर चलना और मंजिल तक पहुचना,इरादे मजबूत और फौलाद का सीना तब हो पाता है मोहब्बत में जीना और वही चट्टानी इरादा फौलादी सीना और सर पर मोहब्बत का कफ़न बांधे आ रहा है युवा ह्रदय सम्राट प्रदीप पांडेय चिंटू मोहब्बत आशिक़ प्यार और वफाई का वादा निभाने भोजपुरी फीचर फिल्म ”मोहब्बत” लेकर, यूं तो प्रदीप पांडेय चिंटू कभी दीवाना तो कभी दुलारा तो कभी ट्रक ड्राइवर आदि बनकर भोजपुरी आम दर्शको का प्यार बनकर उनके दिलो पर राज करते ही है लेकिन मोहब्बत में इनकी अभिनय ने जंहा आम दर्शको को अपना प्यार दुलार इस युवा अभिनेता पर लुटाने पर मजबूर करेगी वही इस वर्ष ये फिल्म युवाओ की पहली पसंद बनेगी वजह साफ़ है इस फिल्म में जंहा एक तरफ युवा दिल सम्राट प्रदीप पांडेय चिंटू है वही इनके माशूका के रूप में भोजपुरी इंडस्ट्री की मशहूर चरित्र अभिनेत्री माया यादव की खूबसूरत हसीन और अभिनय की खास समझ रखने वाली बेटी काजल यादव ने अपनी पहली फिल्म में ही शसक्त अभिनय कर अर्थात चिंटू से इश्क़ फरमा कर साफ़ कर ऐलान कर दिया है कि मुदई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है वही होता है जो मंजूर खुद होता है इश्क़ सच्चा हो तो खुदा मिलता है तो आइये 31 मार्च को अपने नजदीकी सिनेमा घरो में प्रदीप पांडेय चिंटू और काजल यादव के साथ मोहब्बत का दीदार करें एक रोचक विषय यह भी है इस फिल्म कि निर्माण खुद माया यादव ने किया है वही पहली बार प्रदीप पांडेय चिंटू कि नायिका काजल यादव है इसलिए एक बार यह फिल्म देखने को हक़ तो बनता है !

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