आयटम गर्ल कहलाने में ख़ुशी मिलती है – सीमा सिंह

भोजपुरी की आयटम क्वीन कही जाने वाली सीमा सिंह ने भोजपुरी फ़िल्म जगत में अपने नौ साल का सफ़र पूरा किया है । एक दशक के इस सफ़र में उन्होंने लगभग भोजपुरी , हिंदी , गुजराती और राजस्थानी फिल्मो में पांच सौ से भी अधिक आयटम नंबर कर फिल्मो में अपने नृत्य का जलवा बिखेरा है । यही नहीं इस दौरान उन्होंने 500 से भी अधिक स्टेज शो से अपनी अदाकारी से दर्शको की धड़कने बढ़ाई है । कई अवार्ड और सम्मान से नवाजी गयी सीमा सिंह से उनके फ़िल्मी सफ़र और निजी जिंदगी पर विस्तृत चर्चा हुई । प्रस्तुत हैं कुछ अंश –
 
 यु पी के गाँव की लड़की से आयटम क्वीन तक का सफ़र कैसा रहा ?
 

 मैं यु पी की जरूर हूँ लेकिन मराठी मुलगी हूँ क्योंकि मैं यही पली बढ़ी हूँ लेकिन आज भी मेरे घर का माहौल यु पी वाला ही है । जहा तक इस सफ़र की बात है तो मैं यह कहूँ की मुझे ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा तो यह गलत होगा । मेरा संघर्ष मेरी पहली फ़िल्म तक काफी रहा है । उस फ़िल्म के रिलीज़ होने के बाद मुझे काम मिलने लगा । दर्शको को मेरा डांस और मेरी अदा पसन्द आई जिसके कारण निर्माता निर्देशको ने मुझपर भरोसा किया और मैं व्यस्त होती गई ।
 
 आयटम के अलावा कभी अभिनय करने का विचार मन में नहीं आया ?
 

 मैंने एक्टिंग भी की है । बतौर अभिनेत्री मेरी पहली फिल्म चोरवा बनल दामाद थी जिसमे मैं पवन सिंह के अपोजिट थी । इसके अलावा राजा बाबू में मेरी अच्छी भूमिका थी और मुझपे फिल्माया गया एक गाना ‘ हम बबली बोला तानी ‘ जबरदस्त हिट हुई और जब बिहार जाती हूँ तो हमारे दर्शक बबली बबली कह कर चिल्लाते हैं । कई ऑफर आते हैं पर मैं बतौर अभिनेत्री ऐसा काम करना चाहती हूँ जिसे दर्शक हमेशा याद रखे ।
 
 भोजपुरी फिल्मो में आयटम सांग के कारण अश्लीलता का आरोप लगता है । क्या कहना चाहेंगे आप ?
 

 मैं ऐसा नहीं मानती । भोजपुरी फ़िल्म जगत में भी अन्य फिल्मोद्योग की तरह हर तरह की फिल्में बनती है । दरअसल अश्लीलता का आरोप उनकी तरफ से ज्यादा लगता है जो फ़िल्म देखते नहीं हैं । यु ट्यूब पर अश्लील एल्बम के वीडियो देखकर भोजपुरी फिल्मो को अश्लील कहना गलत है । फ़िल्म मनोरंजन का माध्यम होता है जिसे हर वर्ग के दर्शको का ध्यान रखना पड़ता है । हिंदी में जिस फ़िल्म को मसाला फ़िल्म कहते हैं वैसी फिल्मो को भोजपुरी में अश्लील फ़िल्म कहा जाता है । यह भोजपुरी फिल्मो के साथ दोहरा रवैये को दर्शाता है ।
 
 खुद के लिए आइटम गर्ल सुनकर कैसा लगता है ?
 

 ख़ुशी होती है की यह सुनकर की मैंने अपने काम के साथ इन्साफ किया है । किसी को उनके नाम के साथ साथ काम से पुकारा जाए तो यह उसके लिए गर्व की बात होनी चाहिए । मुझे कोई आइटम गर्ल कहकर बुलाता है तो मुझे शर्मिंदगी नहीं ख़ुशी होती है ।
 
 दर्शको को क्या कहना चाहेंगे ?
 

 दर्शको का मुझे भरपूर प्यार मिला है । अगर वे पसंद नहीं करते तो आज सीमा सिंह नहीं होती । मेरी ख्वाहिश है की वे इसी तरह अपना प्यार दें ताकि सर्वाधिक फिल्मो में आइटम नंबर करने का रिकॉर्ड बना कर अपना नाम गिनीज बुक में दर्ज़ करा सकूँ ।