हिट फिल्म देने के बावजूद प्रोड्यूसर रामकरन गौड़ व रमेश सिंह मायूस

फ़िल्म हिट तो सब फिट अक्सर ऐसा ही होता है।मगर इन दिनों ठीक इसका उल्टा है।अश्लीलता मुक्त भोजपुरी फ़िल्म बनाने के संकल्प के साथ भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री मर निर्माता से लेकर प्रेजेंटर के रूप में अपनी खास जगह बनाई है।जिसमे दिल भईल दीवाना,जिद्दी,बेटा होखे त अईसन और नागदेव सहित कई हिट फिल्म देने के बावजूद निरास होते जा रहे है।जबकि इनका सोच एवं सहयोग काफी सराहनीय रहता है।हर परिस्थिति में साथ देने वाले जाबाज़ इन प्रोड्यूसरों के साथ लगता हसि की धोखा दिया जाता है।फिर भी इनका हौसला काफी मजबूत है।इनकी सोच रहती हैं कि अश्लीलता मुक्त भोजपुरी फ़िल्म बने जो पूर्ण परिवारिक हो जिसे हर वर्ग के लोग देख सके।फ़िल्म हिट होने पर नायक और खलनायक सोहरत और पैसा खूब कमाई करते है।प्रोड्यूसरों के कमाई के साथ हमेशा अन्याय होता है।बरहाल इन दोनों प्रोड्यूसरों में नीलाभ तिवारी के साथ भोजपुरी फ़िल्म की अस्मिता को बचाने का मुहिम छोड़ा है भोजपुरी की सभ्यता और संस्कृति कोई ठोस नही पहुँचे।इसे एक प्रतिष्ठित भाषा की तरह ही सम्मान मिलना चाहिए ।इन सभी चीज को देखते हुए इन्होंने भोजपुरी फ़िल्म नागदेव को बनाया ।फ़िल्म नागदेव का प्रदर्शन को लेकर जो राजनीतिक डिस्ट्रीब्यूटरो ने की वह किसी फिल्म और किसी निर्माता के साथ नही होनी चाहिए।इस दुःखद माहौल को देखते हुए इन प्रोड्यूसरों ने बहुत जल्द दूसरा भाषा की फ़िल्म की शुरुआत करने वाले है।अभिनेता कुलदीप के साथ लगातार।