Film ” प्यार तो होना ही था ” को मिला व/U सर्टिफिकेट., किस कारण मिला इस फिल्म को ये Certificate जरूर पढ़ें

दोस्तों! अपनी फिल्म प्यार तो होना ही था को हमने सेंसर सर्टिफिकेशन के लिए यू /ए कैटेगरी में लिए सबमिट किया था लेकिन सेंसर कमेटी ने पूरी फिल्म देखने के बाद प्रेजेंटेशन के लिए मुझे बुलाया उन्होंने पूछा कि आप फिल्म के निर्देशक हैं तो मैंने कहा हां. उन्होंने कहा कि आपकी फिल्म में तीन छोटे-छोटे करेक्शन है जो आपको करने पड़ेंगे जैसे लंगड़ा लंगङू और मंदबुद्धि मैंने कहा ठीक है सर इन शब्दों को मैं म्यूट कर दूंगा फिर उसमें से एक महिला सदस्य ने कहा हमें आपसे थोड़ी शिकायत है, तो मैंने कहा मैडम बताइए तो उन्होंने कहा कि आपने इतनी संवेदनशील और पारिवारिक फिल्म बनाई है तो आपने व/U सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई क्यों नहीं किया तो मैंने कहा कि मैडम हमने यह सोचा कि U/A सर्टिफिकेट ही मिल जाए वही बहुत है। लेकिन यदि हमारी फिल्म व/U सर्टिफिकेट डिजर्व करती है तो एक मेकर के लिए इससे बड़ी सौभाग्य की बात और क्या हो सकती है.. सेंसर कमिटी के लोगों ने फिल्म की सफलता के लिए बधाई दिया और हमे छोटी सी पेपर फॉर्मेलिटी के उपरांत व/U सर्टिफिकेट प्राप्त हो गया। दोस्तों ए खुशी आप सबके बीच में शेयर कर दिया। दोस्तों हमारी भोजपुरी इंडस्ट्री में बहुत सारे ऐसे बुद्धिजीवी पत्रकार या समाज सेवी हैं जो कहते हैं कि यदि आप की फिल्म व/U सर्टिफिकेट प्राप्त करती है तो फिल्म का प्रचार हम करेंगे.. तो हमने एक बहुत ही अच्छी फिल्म बनाई है आप सब फिल्म के प्रचार में हमारा सहयोग करें दोस्तों फिल्म का प्रीमियर 5 मार्च को नवरंग सिनेमा अंधेरी वेस्ट मुंबई में सायं 3:00 से 6:00 के बीच में रखा गया है भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से संबंधित जो भी मित्र “प्यार तो होना ही था” फिल्म देखना चाहते हैं उनके लिए बालकनी की सीट फ्री है कृपया समय निकालकर नवरंग सिनेमा अंधेरी वेस्ट आइए और एक बढ़िया साफ-सुथरी पारिवारिक संवेदनशील कहानी वाली फिल्म को देखिए वैसे दोस्तों एक बात आपको और शेयर करना चाहता हूं कि इस फिल्म के निर्माता श्री अमित हिंडोचा जी से जब मैं प्यार तो होना ही था फिल्म को बनाने के लिए मिला तो उन्होंने कहा प्रमोद जी मुझे भोजपुरी सिनेमा के बारे में कुछ बहुत पता नहीं है प्लीज आप ऐसी फिल्म बनाइएगा जो मैं खुद अपने परिवार के साथ बैठकर देख सकूं और हमारे निर्माता महोदय फरवरी महीने में ही घर पर परिवार के साथ इस फिल्म को लगभग 9 बार देख चुके दोस्तों हमारे जैसे एक निर्देशक के लिए संतुष्टि प्रदान करने वाली बात और क्या हो सकती है।