दर्शकों ने मुझे स्टार बनाया है -पवन सिंह

भोजपुरी सिनेमा उद्योग में माना जाता है कि पवन सिंह ऐसे एक्टर हैं जिनके नाम से फिल्में चलती हैं। यही वजह है कि ये हमेशा व्यस्त रहते हैं और दर्शक भी इनको परदे पर देखने के लिये बेताव रहते हैं। लोग इनकी गायकी के जितने दीवाने हैं, उतने ही एक्टिंग के भी. इनकी लोकप्रियता इनके शो में देखने को मिलती है, जहां हजारों लोग घंटों इंतजार में बिता देते हैं। पवन सिंह से बातचीत
आप अपनी लोकप्रियता से कितना वाकिफ हैं? स्टेज पर हों या परदे पर, हर जगह आपके दीवानों की भीड़ लगी रहती है। क्या यह आपको और भी जिम्मेदारी से नहीं भर रही है? एक सामान्य आदमी अगर मेरी गायकी और एक्टिंग पर जान छिड़कता है तो मुझे यह समझ में आने लगता है कि वह अपना प्यार मुझपर लुटा रहा है। ऐसे समय में मन में उथल-पुथल मच जाती है कि इसका प्रतिदान मैं किस तरह करूं। यानी आप जिम्मेदारी के बोझ तले आ जाते हैं। तब एक ही बात मन में आती है कि मैं जहां हूं, वहां क्या किया जा सकता है। चूंकि मैं हर स्तर पर कला की दुनिया से जुड़ा हुआ हूं, इसलिये दर्शकों का मनोरंजन करना ही मेरा ध्येय बन जाता है। आज अगर मैं भोजपुरी सिनेमा का स्टार हूं, तो यह नहीं भूलता कि दर्शकों ने ही मुझे यहां पहुंचाया है। जिस दिन वे आंखें फेर लेते हैं, बड़े बड़े लोग धराशायी हो जाते हैं। यह सुनी हुई बात नहीं है, देखी हुई भी है। इसलिये मैं दशर्कों के प्रति हमेशा ईमानदार रहता हूं।ज्यादा प्राथिमकता किसे देते हैं, गायकी को या एक्टिंग को? मेरे लिये दोनों जरूरी है। गायकी के कारण ही फिल्मों में आ पाया। जो भी शुरु आती उपलब्धि है वह गायकी की ही है। उसे भूल पाना मुश्किल है। आज अगर कुछ बन पाया हूं या आप लोगों के सामने हूं तो उसका सेहरा मेरी आवाज को जाता है। पिछले 24 साल से गा रहा हूं। एक साल बाद सिल्वर जुबली मनाऊंगा। अकेले में बैठकर कभी कभी सोचता हूं तो लगता है कि भगवान का आशीर्वाद के साथ साथ मेरे चाचा अजीत सिंह की कुर्बानी भी है। उन्हीं से सीखा करता था। मेरी आवाज और मेरी लगन को देखकर मुझे संवारने में लग गये, यहां तक कि मुझे बनाने और आगे बढ़ाने के लिये उन्होंने खुद गाना छोड़ दिया। गानों के कारण ही मुझे फिल्में मिली। आज हालांकि मेरी सफलता के अलग अलग पैमाने तय किये जा रहे हैं, लेकिन मैं मानता हूं कि आज जो भी कुछ हूं उसमें दोनों का मिलाजुला रूप है। शो करता हूं तो हजारो-लाखों की भीड़ स्वागत में खड़ी रहती है और जब परदे पर आता हूं तो थियेटर के बाहर भी वैसा ही नजारा देखने को मिलता है। अब यह तय कर पाना मुश्किल है कि प्राथिमकता किसे दूं? शायद यह किस्मत का भी खेल है कि गायकी और एक्टिंग, दोनों मेरे साथ चल रही है।हर किसी की, खासकर क्षेत्रीय फिल्मों के कलाकारों की यह कोशिश होती है कि एक बार हिंदी फिल्म में भी भाग्य आजमा लिया जाये, आपने भी कभी ऐसा सोचा क्या? नहीं, यह गलती मैं अब नहीं करने वाला हूं। मुझे यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है कि भोजपुरी दर्शकों ने मुझे जहां बिठा दिया है, वहां हिंदी में पहुंच पाना आसान नहीं है। तब फिर मैं वह जोखिम मोल क्यों लूं! मैं हमेशा ऊपर देखा करता हूं, भोजपुरी ने मुझे नाम, काम और ख्याति दी है, इसे छोड़कर जाना संभव नहीं है. इतना व्यस्त हूं कि भोजपुरी में ही कभी-कभी ना कहने की स्थिति आ जाती है। मेरी आने वाली फिल्मों में ‘‘नहले पे दहला’, ‘‘भोजपुरिया राजा’, ‘‘संग्राम’ प्रमुख हैं1 ‘‘सरकार राज’ की शूटिंग शुरु होने वाली है। ‘‘नहले पे दहला’ एक बड़े बजट की फिल्म है और स्टार कास्ट भी बड़े हैं। इनमें तनुश्री, गुंजन पंत, अनारा गुप्ता, सीमा सिंह मुख्य भूमिका में हैं।