पिता असलम शेख के पदचिन्हों पर चलना है – इश्तियाक शेख बंटी

भोजपुरी फ़िल्म जगत में दो दर्जन पारिवारिक मनोरंजक फ़िल्म देने वाले निर्देशक असलम शेख के पुत्र इश्तियाक शेख बंटी ने भी अब फ़िल्म निर्देशन के क्षेत्र में कदम रख दिया है । बतौर निर्देशक उनकी पहली फ़िल्म होगी प्यार की जीत दशहरा के अवसर पर रिलीज़ हो रही है । निर्माता राहुल कपूर की इस फ़िल्म में सुपर स्टार खेसारी लाल यादव व स्वीटी छाबडा की जोड़ी है । अपने पिता असलम शेख की कई हिट फिल्मो में बतौर सहायक रहे बंटी ने निर्देशन की बारीकियां अपने पिता से ही सीखी है और वे अपने पिता के पदचिह्नों पर ही चलकर स्वस्थ्य पारिवारिक मनोरंजक फिल्में बनाना चाहते हैं । बंटी से उनके सफ़र पर उदय भगत ने विस्तृत बातचीत की । प्रस्तुत हैं कुछ अंश –

‘होगी प्यार की जीत’ की शुरुवात कैसे हुई?
दरअसल काफी समय से मैं एक सब्जेक्ट पर काम कर रहा था । सब्जेक्ट पूरा होने पर जब मैंने राहुल कपूर से इसकी चर्चा की तो उन्हें यह सब्जेक्ट काफी पसंद आया और उन्होंने ना सिर्फ इस पर फ़िल्म बनाने की सोची बल्कि निर्देशन का दायित्व भी मुझपर ही डाल दिया.

फ़िल्म बनकर तैयार है । कितना संतुष्ट है आप और आपके निर्माता राहुल कपूर ?
हमारी संतुष्टी से अधिक मायने रखती है दर्शको का प्यार । जिस तरह से सोशल मीडिया पर फ़िल्म के टीजर ट्रेलर और पोस्टर को पसंद किया जा रहा है उससे हमे आभास हो गया है की दर्शको को होगी प्यार की जीत का बेसब्री से इंतज़ार है । निर्माता राहुल कपूर को भी भरोसा है की दर्शको की कसौटी पर हम खरा उतरने वाले हैं ।

किस तरह की फ़िल्म है होगी प्यार की जीत ?
फ़िल्म का टाइटल ही कहानी का सार है । पूरी कहानी फिलहाल बता नहीं सकता पर यु समझ लीजिये मनोरंजन के साथ प्यार और रोमांस इस फ़िल्म की खासियत है । फ़िल्म में नयापन है , संगीत तो पहले से ही हिट है बाकी आप खुद फ़िल्म देख कर तालिया बजाने पर मजबूर होंगे । फ़िल्म की मुख्य भूमिका में खेसारी लाल और स्वीटी छाबरा के साथ राजन मोदी ,अयाज़ खान,बृजेश त्रिपाठी आदि हैं ।

आपकी शुरुआत कैसे हुई ?
आपलोगो को तो पता ही है की मेरी परवरिश फ़िल्मी माहौल में हुई है । पिताजी असलम शेख को मैंने निर्देशन की कमान संभाले बचपन से ही देखा है । उनके साथ ही ‘धरती कहे पुकार के’ से बतौर असिस्टेंट शुरुवात की.फिर उनकी ‘बिदाई,रखवाला ,जनम जन्म के साथ’परिवार,प्यार झुकता नहीं,औलाद ,आदि में उनके साथ रहा ,और निर्देशन सीखा.मैं सतीश जैन जी के साथ निरहुआ रिक्शवाला २ और निरहुआ हिंदुस्तानी में सहायक रहा ।

पिताजी असलम शेख आपके काम को लेकर आशान्वित हैं ?
मेरे पिताजी ही मेरे गुरु रहे हैं । मैंने जो भी सीखा है उनसे ही । चूँकि तकनिकी रूप से वे काफी मजबूत है इसीलिए मुझे निर्देशन की बारीकियों की समझ आ गयी है । होगी प्यार की जीत को मूर्त रूप उन्होंने ही अपनी कलम से दिया है । पूरी फ़िल्म के दौरान उनका मार्गदर्शन मुझे मिलता रहा । मैंने भी अपनी तरफ से भरपूर कोशिस की है की सबकी उम्मीदों पर खरा उतरु पर जहा तक पिताजी की बात है तो उन्हें मुझपर भरोसा है ।

भविष्य की आपकी योजना ?
अभी तो सारा ध्यान होगी प्यार की जीत पर है पर कई प्रोजेक्ट्स और सब्जेक्ट है जिसपर फ़िल्म बनाने की योजना है । मैं जो भी फ़िल्म बनाऊंगा वो पारिवारिक मूल्यों और मनोरंजन की कसौटी पर ध्यान में रख कर बनायी जायेगी ।

भोजपुरी चटपटी न्यूज़ अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज पर लाईक करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.