साम्प्रदायिकता को बढ़ावा नही देती है बाबरी मस्जिद – देव पांडे

भोजपुरी सुपरस्टार खेसारीलाल यादव अभिनीत निर्देशक देव पांडे  की फिल्म ’बाबरी मस्जिद’ इन दिनों सुर्खियों में है। दरअसल,फिल्म के कंटेंट को लेकर सेंसर बोर्ड(सीबीएफसी)ने उंगली उठाई है। सेंसर बोर्ड के एक सोर्स के हवाले से कहा गया है कि इस फिल्म की वजह से सांप्रदायिक भावना भड़कने का खतरा न सिर्फ यूपी बल्कि पूरे देश में है। ऐसा पहली बार है जब सेंसर बोर्ड ने किसी भोजपुरी फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार करते हुए उसे बैन किया है।
डायरेक्टर देव पाण्डेय का कहना है कि फिल्म में साम्प्रदायिकता वाली कोई दृश्य नही है । उन्होंने बताया  की 20 अप्रैल को आने वाली हमारी फिल्म बाबरी मस्जिद को सेंसर बोर्ड ने फिल्म के जिस कंटेंट को लेकर ऊँगली उठाया है उस तरह की कोई भी दृश्य फिल्म में नही है जिससे साम्प्रदायिकता वाली बात हो। हमने सेंसर बोर्ड में अपना पक्ष रखा है। सेंसर बोर्ड अब जो भी फैसला लेगी मै उसका स्वागत करूँगा।
फिल्म के जिस डायलॉग पर आपत्ति है वह डायलॉग प्राचीन काल की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बोला गया है । उन्होंने बताया कि बाबरी मस्जिद  प्यार और मोहबत पर आधारित है। प्रेमी और प्रेमिका दोनों अलग अलग धर्म के है दोनों के बीच के प्रेम कहानी को दिखाया गया है। इस फिल्म में खेसारी लाल के अलावा काजल राघवानी, अवधेश मिश्रा, संजय पांडेय, बृजेश त्रिपाठी, त्रिशा खान और संभावना सेठ , के के गोस्वामी,अनूप अरोड़ा, मनीष चौधरी, देव सिंह, नागालैंड हाउस की कमिश्नर ज्योति कलश एवं रीना रानी जैसे कलाकार हैं। फिल्म के प्रोड्यूसर धीरेन्द्र चौबे है। फिल्म में संभावना सेठ का एक आइटम नंबर भी है।

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