किरदार में जीना पसंद है – अंजना सिंह

भोजपुरी फिल्मो की हॉट केक कही जाने वाली अंजना सिंह ने मात्र पांच साल के अपने फ़िल्मी सफर में अपनी फिल्मो की हाफ सेंचुरी पूरी कर रही है। सबसे दिलचस्प बात तो यह है की इन चार साल में डेढ़ साल तक कैमरे से दूर रहने के बाद जब उन्होंने वापसी की तो फिल्म जगत ने उन्हें हाथो हाथ उठा लिया। अंजना सिंह से उनकी फ़िल्मी सफर पर विस्तृत चर्चा हुई प्रस्तुत हैं कुछ अंश –
पांच साल में पचास फिल्म वो भी बड़े स्टार्स के साथ , कैसा अनुभव रहा हाफ सेंचुरी का ?
सब से पहले तो मैं शुक्रगुजार हूँ हमारी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्रीज़ का, हमारे निर्माता – निर्देशकों और कलाकारों का जिन्होंने हमें इस लायक समझा की मैंने देखते देखते फिल्मो की हाफ सेंचुरी लगा दी लेकिन मैं सबसे ज्यादा एहसानमंद हूँ अपने दर्शको का जिनकी तालियों ने मेरा हौसला बढ़ाया। जहां तक अनुभव की बात है मैं खुशनसीब मानती हूँ खुद को की मेरी शुरुवात हुई रविकिशन जैसे मंझे हुए कलाकार के साथ और इसके बाद वाली फिल्म में मेरे पसंदीदा गायक पवन सिंह मेरे हीरो थे। दिनेश लाल यादव निरहुआ , खेसारी लाल इन सबके सहयोग से ही मुझे मेरी मंजिल का मार्ग दिखा , जहां से आगे बढ़ रही हूँ।

आपकी आने वाली फिल्मे कौन कौन सी है ?
इस साल मेरी पहली रिलीज़ फिल्म रही लव और राजनीति जिसमे रविकिशन के साथ थी। इसके बाद मैंने कई फिल्मो की शूटिंग पूरी की है जिसमे खेसारी लाल यादव के साथ दबंग आशिक , निरहुआ के साथ मोकामा जीरो किलोमीटर , विराज भट्ट व राकेश मिश्रा के साथ दिल है की मानता नहीं और पवन सिंह व भोजपुरी महानायक कुणाल सिंह के बेटे आकाश के साथ तेरे जैसा यार कहा शामिल है। इसके अलावा मेरी दो और फिल्मो की शूटिंग सी सी एल के बाद शुरू हो रही है।

कई फिल्मो में आपने छोटी भूमिका की है ?
हाँ अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं , पर मेन लीड , सेकेण्ड लीड की बात भोजपुरी में ही ज्यादा होती है किरदार की चर्चा काम होती है। जबकि किरदार की बात होनी चाहिए। फिल्म एक माला की तरह होती है जिसका हर मोती अपने आप में महत्वपूर्ण होती है। मैंने हमेशा से अपना किरदार देखा है यह नहीं देखा की मेरा दृश्य कितना है और मेरे ऊपर गाने कितने हैं। मैंने कई महिला प्रधान फिल्मे भी की है तो कई फिल्मो में प्रमोशन सांग का भी हिस्सा रही हूँ।

सी सी एल में भोजपुरी दबंग्स के साथ साथ आपकी भी चर्चा हो रही है।
सिर्फ मेरी नहीं , हम सारे ब्रांड अम्बेस्डर पाखी हेगड़े, आम्रपाली , शुभी की काफी चर्चा होती है क्योंकि स्टेडियम में हम कलाकार की तरह आम फेन्स की तरह अपने खिलाडियों का मनोबल बढ़ाते हैं और हमारी तरह अन्य इंडस्ट्रीज़ की अभिनेत्री नहीं कर पाती है। मैं शुक्रगुजार हूँ भोजपुरी दबंग्स के कप्तान मनोज तिवारी का जिन्होंने ये मौक़ा दिया।
अंत में अपने दर्शको से क्या कहना चाहेंगी ?
उन्हें कुछ कहने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि उनकी बदौलत ही बहराइच की अंजना आज अभिनेत्री अंजना सिंह बानी हुई है। उनसे बड़ा पारखी कोई नहीं है। बस यही कहूँगी ऐसे ही प्यार देते रहें।