‘राजा बाबू’ एक मार्मिक और पारिवारिक फिल्म है-अंजना अखिलेश सिंह

हाल ही में प्रदर्शित हुई भोजपुरी फिल्म ‘राजा बाबू ‘ की अपार सफलता और फिल्म को निर्मित करने के अंदाज को देखकर सभी ने फिल्म के निर्मात्री अंजना सिंह को ढेर सारी शुभकामनाये दी ,अंजना सिंह भोजपुरी समाज और भोजपुरी फिल्मो को एक अलग नजरिये से देखती है ,उनसे फिल्म ‘राजा बाबू ‘ और अन्य कई महत्वपूर्ण विषयो पर बात-चित के कुछ अंश ;
१) राजा बाबू को मिल रहे इतने अच्छे रिस्पॉन्स के बारे में क्या कहना है आपका ?
बहुत ख़ुशी हो रही है की हमारी फिल्म ‘राजा बाबू ‘ को दर्शक बहुत पसंद कर रहे है ,अब तक की भोजपुरी फिल्मो का रिकॉर्ड तोडा है फिल्म ने .इस फिल्म का निर्माण करने का उद्देश्य यह नहीं था की फिल्म अच्छा बिज़नेस करे अच्छी कमाई करे बल्कि हमारा सबसे बड़ा उद्देश्य यह था की दर्शक इस फिल्म को देखे और साथ ही फिल्म ऐसी हो जिसे परिवार का हर एक सदस्य एक साथ मिल-जुल कर देख सके .और लोगो द्वारा अच्छे रिस्पॉन्स को देख और सुनकर ऐसा लग रहा है की हमने सच में एक अच्छी और मनोरंजन से भरी फिल्म बनाई है.

२)भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में फिल्मो को किस नजरिये से देखती है आप?
सिनेमा जगत में भोजपुरी समाज का अपना एक अलग महत्व है .इस जगत में भोजपुरी फिल्मो ने अपनी एक अलग अस्तित्व और अलग पहचान बनाई है .हाँ पिछले कुछ समय से भोजपुरी फिल्मो को बनाने का और देखने का नजरिया बदल गया है पर अगर सभी कोशिश करेंगे तो सिनेमा जगत में भोजपुरी फिल्मो को नया आयाम मिलेगा.

३)फिल्म इंडस्ट्री से कैसे जुडी आप?
मैं बहुत कम दिनों से परिचित हूँ भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से ,मेरा दूर-दूर तक भोजपुरी समाज से नाता रिश्ता तक नहीं था.पर मेरे पति (अखिलेश सिंह) ने इस जगत में कदम रखा तो मैंने उनका भरपूर सहयोग दिया और उनके साथ इस नगरी से जुड़ गयी .

४)अब आप क्या सोचती है भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के बारे में ?
मेरे हिसाब से इस जगत में गाने और स्क्रिप्ट को अहमियत देनी चाहिए जो अच्छी और साफ़-सुथरी हो .फिल्म ऐसी होनी चाहिए जहा हर इंसान परिवार के साथ बैठ कर इस मूवी को देख सके खासकर महिलाये .हमें भोजपुरी समाज से फुहरता को कम करने की पहल करनी चाहिए और ऐसी फिल्मो का निर्माण करना चाहिए की समाज में उनकी एक अलग पहचान बन सके.

५)’राजा बाबू ‘ को एक सफल फिल्म बनाने का श्रेय आप किसे देती है ?
‘राजा बाबू’ एक मार्मिक और पारिवारिक फिल्म है .इसमें दिल को छू लेने वाले गाने है और दिमाग में बसने वाली कहानी और साथ ही बेहतरीन अभिनय करने वाले कलाकार .इन सभी को मिलाकर ही फिल्म अच्छी बनी है इसलिए सफलता का श्रेय सभी को जाता है .हमारे निर्देशक मंजुल ठाकुर ने इस फिल्म को बनाने में अपनी जान लगा दी.उन्होंने इसे बनाने में दिन-रात मेहनत की .इस फिल्म की लोकेशन उन्ही के अनुसार तय की गयी और उन्होंने इसे सही तरीके से गति प्रदान की.और उसे मार्मिकता से प्रस्तुत किया है.