आकांक्षा अवस्थी को क्रियटर्स लैब ने किया अनुबंधित

कहते हैं कि सच्चे मन से देखे गये सपने जब तक साकार नहीं हो जाते हैं तब तक दिल को ना तो दिल को सकून मिलता है और ना ही मिलता चैन। जी हाँ, यही हाल है लखनऊ की बेटी फ़िल्म अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी का। जिन्हें अपने सुनहरे सपने को सच करने के लिए लखनऊ से बहुत दूर मुम्बई की माया नगरी बॉलीवुड की ओर रुखसत करना पड़ा था। इन्होंने अब तक कई टीवी धारावाहिक और सिनेमा के रुपहले परदे पर अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुकी हैं। मगर इन्हें अपने गृह घर की याद हमेशा सताती रही है और मौके तलाश रहती थी कि कोई संयोग ऐसा बन जाये जिससे लखनऊ में ही रहकर अपने करियर को सफल मुकाम मिल सके। क्रियटर्स लैब ने इनके मन की बात भाप ली और मुम्बई से इन्हें लखनऊ बुला ही लिये।
आकांक्षा अवस्थी को क्रियेटर्स लैब ने अपनी निर्माणाधीन हिन्दी फ़िल्म के लिये अनुबंधित कर लिया है। इस अनाम फ़िल्म में आकांक्षा बहुत ही अलग और आकर्षक लुक में नज़र आने वाली हैं। जिसे दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे।
गौरतलब है कि क्रियटर्स लैब ने एक साथ तीन फिल्मों के निर्माण की घोषणा की है, जिसमें दो हिन्दी और एक भोजपुरी फ़िल्म है। इस सराहनीय पहल से लखनऊ के स्थानी प्रतिभाओं को सौ प्रतिशत अपना जौहर दिखाने का मौका मिलेगा।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की मूल निवासी आकांक्षा अवस्थी की शिक्ष दीक्षा यहीं पर हुई है। इन्होंने करियर की शुरुआत रंगमंच से किया है। अब तक कई सौ शो कर चुकी हैं।
पिछले आठ साल से मुम्बई में इन्होंने अब तक छोटे परदे के सोनी चैनल पर बेटियाँ, वक्त बतायेगा, सहारा वन पर डोली सजा के रखना, स्टार प्लस पर राजा की आयेगी बारात, नाइन एक्स पर किस्मत का खेल, कलर्स पर उतरन, बीन बनूँगा घोड़ी चढूंगा, पिया का घर आदि धारावाहिक में अपने अभिनय का जादू चलाकर घर घर में अपनी जगह बना ली हैं। इन्हें कलर्स लाईनेक्स्ट गोल्ड अवार्ड्स भी मिल चुका है
एक सवाल के जवाब में आकांक्षा कहती हैं कि फिल्मों को सब्सिडी देने की योजना से क्षेत्रीय भाषा एवं हिन्दी फिल्मों की शूटिंग उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों बहुत ज्यादा की जा रही है। जिससे स्थानी कलाकारों को भी अभिनय प्रतिभा प्रदर्शित करने का मौका मिल रहा है।उन्होंने बताया अब जब भी मुझे मौका मिलेगा मै अपने उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास व् सहयोग करुँगी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी का तहेदिल से शुक्रिया अदा करती हूँ कि इनके ओस सराहनीय कदम से लखनऊ के विभिन्न रमणीय स्थलों पर लगातार शूटिंग होने लगी है। काश पहले की भी सरकार ने भी सब्सिडी की पहल को जोर दिया होता तो मुझे लखनऊ छोड़कर मुंबई ना जाना पड़ता। मगर अब मैं बहुत खुश हूँ ।अब स्थानीय कलाकार भी यही रहकर अपना सपना साकार कर पायेंगे।