अनारा गुप्ता को हमसफ़र की तलास

अनारा गुप्ता, नाम लेतेही mms कांड को याद दिलाती हैं। आज भी अनारा उस mms कांड को अपने जीवन के सब से खोबनाख् समय बताती हैं। लेकिन इतने जिल्लते झेलने के बात भी आ पने जीवन में हार नहीं माना। और ओ आज एक सफल अभिनेत्री तो बन गयी लेकिन आज उन्हें एक हमसफ़र की तलास हैं। जिसका जिम्मा उनके माताजी ने संभल लिए हैं।
अनारा ने सन् 2005 में जम्मू से मुम्बई के उर उडान भरी..लेकिन उसे ये भी नहीं पाता की ओ मुम्बई जाकर आपने लिए क्या करेगी। ओ ये भी नहीं जानती की इतनी बड़ी शहर में क्या करेगी। लेकिन उसके तक़दीर का घंटी बाज गयी और एक फ़ोन कॉल आया, ओ भी आपने जीवन में घाटी उस खबनाख् mms कांड पर फ़िल्म बानाने की ऑफर। अनारा का दिल फिर से सहम उठी और ये सोच ने लगी की जो कांड को मैं भुलाने के लिए माया नागरी तक का सफ़र की यहा भी मेरी उस घिलोना कांड को बेचने चले लोग। लेकिन जब उसे ये पता चला की सचाई को इस फ़िल्म के जरिये सामने लाएंगे पुरे हिन्दुस्थान में , तभी अनारा ने आपने ऊपर बन्ने वाली फ़िल्म को साइन कर लिये। किस्मत ने फिर धोका दिया, आपने ऊपर बानी फ़िल्म को लेकर राज नेताओ ने राजनिती चालू कर दिया। फिर क्या शिवसेना पार्टी ने देश भर आंदोलन छेड़ दिया और फ़िल्म थिएटर तक आही नहीं पाही।
लोग आब अनारा को जानने लगा परुन्तु कोई काम देनेसे डरता था। हम्हारे देश में आज महिलाओ को कितने इज्जत दिया जाता हैं लेकिन अनारा को इसी देश ने बदनाम किया। एक लड़की अब आग में इतने जल चुकी थी क्या उसको और क्या जलाये गा ज़माने।
उसने आब अपना तक़दीर खुद ही बनानेकी उर उड़ पड़ी। लोग हँसते रहे खिलखिलाता रहे और अनारा आपने ओ रस्ते पे चलने लगे जो रब ने बनाया उसके लिये।
आज भोजपुरी इन्डस्ट्री में अनारा कोई नया नाम नहीं । ये तो अनारा को उसके रब ने दिया और आज भुजपुरी फ़िल्म जगत में एक प्रतिश्ठित नाम अनारा गुप्ता। नाम शोहरत सब कमाया लेकिन अब उन्हें हमसफ़र की तलास हैं। अनारा तो अपने ओ ख़ुशी के पल भी रब के हवाले कर दिए। उनका कहना हैं की रब ही मेरी हमसफ़र का संगम करवा देगा। लिकेन उनके माता जी तो अब मानने को तैयार ही नहीं उनके लिए सपनो की ओ सौदागर की तलास में मुम्बई आई की एक दुलारा जो अनारा को जीवन का सब शुख दे।
जम्मू से लेकर मुम्बई तक अब उनके माताजी उनके लिए एक जीवन साथी की तलास में घुमरही हैं । देखना ये होगा की कौन होगा सेक्सी ग्लैमर अनारा की दिल जित कर उनके जीवनसाथी बन सके।